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Saturday, June 20, 2026

बैंक ऑफ बड़ौदा मानापुर शाखा के प्रबंधक आशीष कुमार मिश्रा को भावभीनी विदाई

बैंक ऑफ बड़ौदा मानापुर शाखा के प्रबंधक आशीष कुमार मिश्रा को भावभीनी विदाई

कई वर्षों की सराहनीय सेवाओं के बाद कौशांबी हुआ स्थानांतरण, ग्रामीणों और ग्राहकों ने किया सम्मानित

दैनिक नव परिधि:



राजा बाजार, जौनपुर:

बैंक ऑफ बड़ौदा की मानापुर शाखा, राजा बाजार के शाखा प्रबंधक आशीष कुमार मिश्रा के कौशांबी जनपद में स्थानांतरण होने पर शाखा परिसर में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बैंक कर्मचारियों, ग्राहकों तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।



कई वर्षों तक मानापुर शाखा में अपनी सेवाएं देने के दौरान श्री मिश्रा ने ग्राहकों एवं ग्रामीणों के बीच एक विशिष्ट पहचान बनाई। उनके कार्यकाल में बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने के प्रयासों की क्षेत्रीय जनता ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने सदैव ग्राहकों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए सहज एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार से लोगों का विश्वास अर्जित किया।

विदाई समारोह को संबोधित करते हुए आशीष कुमार मिश्रा ने क्षेत्रीय जनता, ग्राहकों एवं बैंक कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मानापुर शाखा में बिताया गया समय उनके जीवन की अमूल्य धरोहर रहेगा। यहां के लोगों से उन्हें जो प्रेम, सम्मान और सहयोग मिला है, उसे वे कभी नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानांतरण केवल कार्यस्थल का परिवर्तन है, लेकिन यहां के लोगों से उनके आत्मीय संबंध सदैव बने रहेंगे।

समारोह में बैंक के समस्त स्टाफ के साथ नागेंद्र मिश्रा, योगेश जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने श्री मिश्रा के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उनके सफल एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम का वातावरण भावुक रहा तथा उपस्थित लोगों ने श्री मिश्रा के साथ बिताए गए सुखद अनुभवों को साझा किया। अंत में सभी ने उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी।

दैनिक नव परिधि मीडिया सर्विसेज एण्ड पब्लिकेशंस (पंजीकृत)

अमित श्रीवास्तव (प्रधान संपादक)


Wednesday, June 17, 2026

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री पर सीजेआई सख्त, केस फाइल गुम होने के आरोप की होगी जांच

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री पर सीजेआई सख्त, केस फाइल गुम होने के आरोप की होगी जांच

दैनिक नव परिधि:

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत बोले— जरूरी मामलों की फाइलें खोना गंभीर लापरवाही; दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी

फ़ाइल फोटो 


नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री द्वारा एक याचिका की फाइल गुम होने के आरोप पर प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने बुधवार को कड़ा रुख अपनाते हुए मामले की जांच कराने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि यदि रजिस्ट्री ने वास्तव में फाइल खो दी है तो यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी तह तक जाना आवश्यक है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष एक अधिवक्ता ने शिकायत करते हुए बताया कि उन्होंने इस माह के प्रारंभ में एक याचिका दायर की थी, किंतु अब तक उसे सुनवाई हेतु सूचीबद्ध नहीं किया गया। अधिवक्ता ने कहा कि इस संबंध में रजिस्ट्रार को पत्र भी भेजा गया, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि रजिस्ट्री ने संबंधित फाइल ही खो दी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिवक्ता ने पीठ से याचिका को शीघ्र सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। इस पर प्रधान न्यायाधीश ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यदि रजिस्ट्री महत्वपूर्ण मामलों की फाइलें खो रही है, तो केवल सूचीबद्ध करने का आदेश देना पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस लापरवाही की विस्तृत जांच की जाएगी तथा इसके कारणों का पता लगाया जाएगा।

सीजेआई ने अधिवक्ता को निर्देश दिया कि उनके एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड उसी दिन विस्तृत शिकायत प्रस्तुत करें, ताकि मामले की समुचित जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व मई माह में भी प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के कार्य-व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त की थी। निवेश धोखाधड़ी के एक आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पीठ ने रजिस्ट्री के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए टिप्पणी की थी कि कुछ अधिकारी स्वयं को “सुपर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया” समझने लगे हैं।

सुप्रीम कोर्ट की सर्वोच्च पीठ की इस सख्त टिप्पणी को न्यायिक प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा ।

दैनिक नव परिधि मीडिया सर्विसेज एण्ड पब्लिकेशंस (पंजीकृत)

अमित श्रीवास्तव (प्रधान संपादक)


Tuesday, June 16, 2026

मंहकुचा–रामनगर मार्ग पर जल्द शुरू होगा सीसी रोड निर्माण कार्य

 मंहकुचा–रामनगर मार्ग पर जल्द शुरू होगा सीसी रोड निर्माण कार्य



विभाग द्वारा पहुंचाई जा रही निर्माण सामग्री, ग्रामीणों में खुशी की लहर

दैनिक नव परिधि:

जौनपुर:

मंहकुचा ग्राम सभा से रामनगर के मध्य आबादी क्षेत्र में प्रस्तावित सीसी रोड निर्माण को लेकर ग्रामीणों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से लंबित इस सड़क निर्माण कार्य के लिए अब लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण सामग्री (मटेरियल) स्थल पर पहुंचाई जा रही है, जिससे कार्य शीघ्र प्रारंभ होने की उम्मीद बढ़ गई है।

गौरतलब है कि क्षेत्रीय नागरिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ता राकेश कुमार वर्मा द्वारा इस मार्ग के निर्माण हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे थे। ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते हुए सड़क निर्माण की मांग उठाई थी। इसके बाद विभागीय स्तर पर प्रस्ताव तैयार किया गया और अब निर्माण कार्य की दिशा में ठोस पहल दिखाई देने लगी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क निर्माण सामग्री के पहुंचने से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि विभाग शीघ्र ही निर्माण कार्य आरंभ करने जा रहा है। वर्षों से जर्जर मार्ग और बरसात के मौसम में होने वाली परेशानियों से जूझ रहे ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया है।

ग्रामीणों का कहना है कि सीसी रोड बनने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी। विद्यालय जाने वाले विद्यार्थियों, किसानों तथा दैनिक यात्रियों को विशेष लाभ प्राप्त होगा।

क्षेत्रवासियों ने लोक निर्माण विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपेक्षा जताई है कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा, जिससे जनसामान्य को स्थायी राहत मिल सके।

इस पूरे मामले में सामाजिक कार्यकर्ता राकेश कुमार वर्मा का संघर्षपूर्ण भागीरथ प्रयास रहा है क्षेत्रवासी कृतघ्य भाव से राकेश कुमार वर्मा जी को हृदयगत धन्यवाद दें रहे हैं।

– संवाददाता, दैनिक नव परिधि

अमित श्रीवास्तव (प्रधान संपादक)


शिक्षा, कला और सिनेमा जगत की साधना का सम्मान

 शिक्षा, कला और सिनेमा जगत की साधना का सम्मान

दैनिक नव परिधि:



विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर वरिष्ठ कैमरामैन एवं चित्रकार अशोक कुमार सरोज को मिला अंतरराष्ट्रीय कैलाश सत्यार्थी सम्मान

गोंडा, उत्तर प्रदेश:

जब समाज में शिक्षा, संस्कृति और सृजनशीलता के दीप प्रज्वलित करने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान होता है, तब वह केवल किसी एक व्यक्ति का अभिनंदन नहीं होता, बल्कि मानवीय मूल्यों, ज्ञान और समर्पण की विजय का उत्सव बन जाता है। इसी भावभूमि पर विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के पावन अवसर पर आयोजित "विद्यादान महादान अभियान" एवं "अंतरराष्ट्रीय कैलाश सत्यार्थी सम्मान समारोह" में मुंबई के सुप्रसिद्ध वरिष्ठ कैमरामैन, गोल्ड मेडलिस्ट चित्रकार तथा समाजसेवी अशोक कुमार सरोज को "अंतरराष्ट्रीय कैलाश सत्यार्थी सम्मान-2026" से अलंकृत किया गया।

उत्तर प्रदेश के जनपद जौनपुर के ग्राम चारो की पावन धरती पर जन्मे अशोक कुमार सरोज ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और सृजनशील दृष्टि के बल पर मुंबई के कला एवं फिल्म जगत में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। कैमरे की दृष्टि से जीवन के विविध रंगों को अभिव्यक्त करने वाले अशोक सरोज चित्रकला के क्षेत्र में भी अपनी विलक्षण प्रतिभा का परिचय दे चुके हैं। उन्हें प्राप्त गोल्ड मेडल उनकी कलात्मक साधना और उत्कृष्ट सृजन का प्रमाण है।

संपादक अमित श्रीवास्तव के साथ अशोक सरोज जी


शांति फाउंडेशन, गोंडा द्वारा आयोजित इस गरिमामय समारोह में उन्हें शिक्षा, समाज सेवा, कला-संवर्धन तथा जनजागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान-पत्र में उनके निःस्वार्थ समर्पण, उत्कृष्ट कार्यों और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है।

कार्यक्रम का आयोजन शांति मेमोरियल स्कूल, अशोपुर टिकिया, वजीरगंज (गोंडा) में हुआ, जहाँ देश और विदेश से जुड़े अनेक शिक्षाविदों, समाजसेवियों तथा सांस्कृतिक हस्तियों की सहभागिता रही। समारोह का उद्देश्य बाल श्रम उन्मूलन, शिक्षा के प्रसार और समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करना था।

इस अवसर पर आयोजकों ने कहा कि अशोक कुमार सरोज का जीवन संघर्ष, साधना और सफलता का प्रेरक उदाहरण है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर कला और सिनेमा के क्षेत्र में प्रतिष्ठा अर्जित करना उनकी अदम्य इच्छाशक्ति और कर्मनिष्ठा का परिचायक है। उन्होंने अपने कार्यों से यह सिद्ध किया है कि प्रतिभा और परिश्रम के समन्वय से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है।

सम्मान-पत्र पर कनाडा के प्रख्यात शिक्षाविद् एवं चिकित्सक डॉ. केतन कुलकर्णी, विद्यादान महादान अभियान के प्रवर्तक सुनील आनंद तथा शांति फाउंडेशन इंडिया की राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी देवी के हस्ताक्षर अंकित हैं।

समारोह के अंत में उपस्थित जनसमुदाय ने अशोक कुमार सरोज को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल, यशस्वी एवं प्रेरणादायी भविष्य की मंगलकामना की। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों का गौरव है, बल्कि जौनपुर जनपद, उत्तर प्रदेश और भारतीय कला-जगत के लिए भी गर्व का विषय है।

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अमित श्रीवास्तव (प्रधान संपादक)


Wednesday, June 10, 2026

उज्ज्वला योजना में बड़ा बदलाव: सब्सिडी वाले सिलिंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 की गई

न्यूज रिपोर्ट:

उज्ज्वला योजना में बड़ा बदलाव: सब्सिडी वाले सिलिंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 की गई

दुरुपयोग रोकने के लिए सरकार का फैसला, पेट्रोलियम मंत्री ने दी सफाई



दैनिक नव परिधि:

नई दिल्ली, 10 जून

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी सिलिंडरों की वार्षिक संख्या नौ से घटाकर चार किए जाने के सरकार के फैसले पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। आलोचनाओं के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को इस निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम योजना के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है।

मंत्री ने कहा कि सरकार को विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि अनेक लाभार्थियों को वास्तव में अतिरिक्त सिलिंडरों की आवश्यकता नहीं थी। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ लोग सब्सिडी वाले सिलिंडरों का उपयोग व्यावसायिक कार्यों में कर रहे थे या उन्हें अन्य व्यक्तियों को अधिक कीमत पर बेच रहे थे।

हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “यदि किसी परिवार को साल भर में चार से अधिक सिलिंडरों की आवश्यकता नहीं है, तो अतिरिक्त सब्सिडी वाले सिलिंडर देने का औचित्य नहीं बनता। सरकार का उद्देश्य वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाना है।”

मंत्री के अनुसार, कुछ लाभार्थी 300 रुपये की रियायती दर पर सिलिंडर प्राप्त कर उन्हें व्यावसायिक उपयोग के लिए बेच देते थे या अन्य लोगों को अतिरिक्त राशि लेकर उपलब्ध कराते थे। ऐसे मामलों को देखते हुए सरकार ने योजना की समीक्षा कर सब्सिडी वाले सिलिंडरों की संख्या कम करने का निर्णय लिया।

सरकार का कहना है कि इस कदम से योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा सब्सिडी का लाभ केवल पात्र और वास्तविक उपभोक्ताओं तक ही पहुंचेगा। वहीं विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने इस फैसले को गरीब परिवारों के हितों के खिलाफ बताते हुए पुनर्विचार की मांग की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस फैसले का प्रभाव उज्ज्वला योजना के करोड़ों लाभार्थियों पर पड़ सकता है और इसकी प्रतिक्रिया राजनीतिक तथा सामाजिक दोनों स्तरों पर देखने को मिलेगी।

दैनिक नव परिधि मीडिया सर्विसेज एण्ड पब्लिकेशंस (पंजीकृत)

अमित श्रीवास्तव (प्रधान संपादक)