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Wednesday, June 17, 2026

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री पर सीजेआई सख्त, केस फाइल गुम होने के आरोप की होगी जांच

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री पर सीजेआई सख्त, केस फाइल गुम होने के आरोप की होगी जांच

दैनिक नव परिधि:

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत बोले— जरूरी मामलों की फाइलें खोना गंभीर लापरवाही; दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी

फ़ाइल फोटो 


नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री द्वारा एक याचिका की फाइल गुम होने के आरोप पर प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने बुधवार को कड़ा रुख अपनाते हुए मामले की जांच कराने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि यदि रजिस्ट्री ने वास्तव में फाइल खो दी है तो यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी तह तक जाना आवश्यक है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष एक अधिवक्ता ने शिकायत करते हुए बताया कि उन्होंने इस माह के प्रारंभ में एक याचिका दायर की थी, किंतु अब तक उसे सुनवाई हेतु सूचीबद्ध नहीं किया गया। अधिवक्ता ने कहा कि इस संबंध में रजिस्ट्रार को पत्र भी भेजा गया, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि रजिस्ट्री ने संबंधित फाइल ही खो दी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिवक्ता ने पीठ से याचिका को शीघ्र सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। इस पर प्रधान न्यायाधीश ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यदि रजिस्ट्री महत्वपूर्ण मामलों की फाइलें खो रही है, तो केवल सूचीबद्ध करने का आदेश देना पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस लापरवाही की विस्तृत जांच की जाएगी तथा इसके कारणों का पता लगाया जाएगा।

सीजेआई ने अधिवक्ता को निर्देश दिया कि उनके एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड उसी दिन विस्तृत शिकायत प्रस्तुत करें, ताकि मामले की समुचित जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व मई माह में भी प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के कार्य-व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त की थी। निवेश धोखाधड़ी के एक आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पीठ ने रजिस्ट्री के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए टिप्पणी की थी कि कुछ अधिकारी स्वयं को “सुपर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया” समझने लगे हैं।

सुप्रीम कोर्ट की सर्वोच्च पीठ की इस सख्त टिप्पणी को न्यायिक प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा ।

दैनिक नव परिधि मीडिया सर्विसेज एण्ड पब्लिकेशंस (पंजीकृत)

अमित श्रीवास्तव (प्रधान संपादक)


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