“Value of Life” पेंटिंग ने दिया जीवन का गहरा संदेश — चित्रकार अनिल कुमार राव की अनूठी कलाकृति चर्चा में
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| चित्रकार अनिल कुमार राव की अनूठी कलाकृति- “Value of Life” |
BFA, MFA एवं Applied Art (BHU, वाराणसी) से शिक्षित कलाकार ने खीरे और हीरे के प्रतीक से समझाया जीवन का वास्तविक मूल्य
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| चित्रकार - अनिल कुमार राव |
मिर्जापुर/वाराणसी:
प्रख्यात चित्रकार अनिल कुमार राव की बनाई गई पेंटिंग “Value of Life” इन दिनों कला प्रेमियों और बुद्धिजीवियों के बीच विशेष चर्चा का विषय बनी हुई है। यह पेंटिंग केवल रंगों का संयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन के मूल्य, कर्म और उद्देश्य का गहरा दार्शनिक संदेश प्रस्तुत करती है।
अनिल कुमार राव ने BFA, MFA तथा Applied Art की शिक्षा Banaras Hindu University से प्राप्त की है। वे रंगोली कला निर्देशन में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं तथा वर्ष 2017 में Guinness Book of World Record से भी सम्मानित हो चुके हैं। वर्तमान में वे BLJ Inter College, Mirzapur, Uttar Pradesh में ड्रॉइंग के व्याख्याता (Lecturer, Drawing) के रूप में कार्यरत हैं।
“Value of Life” शीर्षक से बनी इस 20×30 इंच की पेंटिंग के केंद्र में मानव हृदय को दर्शाया गया है, जो जीवन का प्रतीक है। यह हृदय दो हाथों के बीच स्थित है, जो यह संकेत देता है कि मनुष्य का जीवन उसके अपने निर्णयों, कर्मों और सोच के नियंत्रण में होता है।
हृदय के साथ एक तराजू जुड़ा हुआ है, जिसके एक पलड़े में खीरा और दूसरे में हीरा रखा गया है। यहाँ खीरा सस्ते, लक्ष्यहीन और केवल भौतिक सुखों में डूबे जीवन का प्रतीक है, जबकि हीरा उद्देश्यपूर्ण, नैतिकता, ज्ञान, सेवा और आत्मसम्मान से भरे अनमोल जीवन का प्रतिनिधित्व करता है।
चित्रकार ने इस प्रतीकात्मक प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश दिया है कि जीवन की असली कीमत बाहरी वस्तुओं से नहीं, बल्कि व्यक्ति के विचार, कर्म और समाज के प्रति योगदान से तय होती है। यदि जीवन केवल सुख-सुविधाओं तक सीमित रह जाए तो वह खीरे की तरह साधारण हो जाता है, जबकि उच्च आदर्शों और मानवता की सेवा से वही जीवन हीरे की तरह दुर्लभ और मूल्यवान बन जाता है।
यह पेंटिंग आज के समाज को आत्मचिंतन और नैतिक मूल्यों की ओर लौटने का संदेश देती है। कला जगत में इसे एक प्रेरणादायक और विचारोत्तेजक रचना के रूप में सराहा जा रहा है।
दैनिक नव परिधि मीडिया सर्विसेज एण्ड पब्लिकेशंस (पंजीकृत)



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