![]() |
| प्रतीकात्मक तस्वीर (AI द्वारा) |
✨ शीर्षक: उभरता भारत: विकासशील से विकसित राष्ट्र की ओर
उपशीर्षक: आत्मनिर्भरता, आर्थिक प्रगति और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में भारत के कदम
भारत की विकास यात्रा: 2014 के बाद से स्वावलंबन और आर्थिक प्रगति
दैनिक नव परिधि मीडिया सर्विसेज एंड पब्लिकेशन (पंजीकृत)
द्वारा – अमित श्रीवास्तव
1. प्रस्तावना
2014 के बाद से भारत ने आत्मनिर्भरता, आर्थिक प्रगति और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार ने मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों के माध्यम से देश को विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर करने का प्रयास किया है। इस अवधि में भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है और वह विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरी है।
2. प्रमुख सुधार और उपलब्धियां (2014 के बाद)
आर्थिक क्षेत्र में
- मेक इन इंडिया से विनिर्माण और FDI में वृद्धि।
- जीएसटी (2017) से कर व्यवस्था सरल हुई।
- डिजिटल भुगतान क्रांति (UPI, BHIM, Paytm आदि) से कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा।
- रक्षा उत्पादन और अंतरिक्ष अनुसंधान में आत्मनिर्भरता।
सामाजिक क्षेत्र में
- जनधन योजना से करोड़ों बैंक खाते खुले।
- उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन गरीब परिवारों तक पहुँचे।
- आयुष्मान भारत ने करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा दी।
- बिजली, सड़क और आवास योजनाओं ने गरीब परिवारों के जीवन स्तर को सुधारा।
वैश्विक स्तर पर
- चंद्रयान-3 और आदित्य-L1 जैसी उपलब्धियाँ।
- G-20 अध्यक्षता और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी।
- एशिया-प्रशांत और क्वाड समूह में सक्रिय भागीदारी।
3. आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती
- कृषि क्षेत्र: डिजिटल कृषि, जैविक खेती और MSP सुधार।
- उद्योग क्षेत्र: उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) से मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स में छलांग।
- ऊर्जा क्षेत्र: सौर और पवन ऊर्जा में तेजी, "ग्रीन हाइड्रोजन" पर काम।
- टेक्नोलॉजी क्षेत्र: AI, 5G, सेमीकंडक्टर और स्पेस टेक्नोलॉजी में प्रगति।
4. आर्थिक सूचकांकों में सुधार
प्रति व्यक्ति आय
- 2014 में लगभग ₹86,000 (≈ $1,500)
- 2023-24 तक बढ़कर ₹1,72,000 से अधिक (≈ $2,100)
➡ आय लगभग दोगुनी हुई।
गरीबी में कमी
- 2014: लगभग 21–22% आबादी गरीबी रेखा के नीचे।
- 2023: घटकर 10% से भी कम।
➡ सामाजिक योजनाओं और वित्तीय समावेशन से राहत।
बेरोजगारी
- 2014: 5–6%
- 2020 (कोविड के दौरान): 24% तक
- 2024: सामान्य होकर 7–8%
➡ स्टार्टअप, MSME और गिग इकॉनमी ने रोजगार सृजन में भूमिका निभाई।
5. आगे की संभावनाएं और रणनीति
लक्ष्य (2025–2035)
- भारत को $10 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाना।
- 100% डिजिटल और अक्षय ऊर्जा आधारित अर्थव्यवस्था।
- ग्रामीण भारत में औद्योगिक और तकनीकी क्रांति।
रणनीति
- शिक्षा सुधार और स्किल डेवलपमेंट।
- MSME और स्टार्टअप सेक्टर को और मजबूती।
- ग्रीन एनर्जी और हेल्थ टेक्नोलॉजी में निवेश।
- कृषि आधारित उद्योगों का विकास।
- निर्यात और उत्पादन केंद्रित नीतियाँ।
6. निष्कर्ष
2014 के बाद भारत ने विकासशील से विकसित राष्ट्र की दिशा में ऐतिहासिक यात्रा शुरू की है। आर्थिक सूचकांकों में सुधार, गरीबी में कमी और वैश्विक मंच पर मजबूत उपस्थिति भारत को 2047 तक एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अग्रसर कर रही है।
👉 दैनिक नव परिधि मीडिया सर्विसेज एंड पब्लिकेशन (पंजीकृत)
![]() |
| अमित श्रीवास्तव (प्रधान संपादक) |


No comments:
Post a Comment