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Tuesday, April 21, 2026

अशोक सरोज की कलाकृति ‘द एंजेल नंबर

जौनपुर मूल के वरिष्ठ कैमरामैन अशोक सरोज की कलाकृति ‘द एंजेल नंबर’ चर्चा में

वरिष्ठ कैमरामैन व चित्रकार अशोक सरोज की कलाकृति ‘द एंजेल नंबर’


दैनिक नव परिधि:

जौनपुर:

मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में वरिष्ठ कैमरामैन, चित्रकार एवं गोल्ड मेडलिस्ट अशोक सरोज की आध्यात्मिक कलाकृति “द एंजेल नंबर” इन दिनों विशेष चर्चा का विषय बनी हुई है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद के चारो गांव के किसान परिवार से संबंध रखने वाले अशोक सरोज ने अपनी इस चित्रकला में ब्रह्मांड, ईश्वरीय ऊर्जा, सफलता और जीवन की उन्नति को प्रतीकों के माध्यम से दर्शाया है।

चित्र के केंद्र में आंख की पुतली के सामने अंकित 111 एंजेल नंबर विशेष आकर्षण का केंद्र है। आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार 111 का अर्थ है कि परमात्मा व्यक्ति के साथ है और उसके जीवन में नई सकारात्मक शुरुआत होने वाली है। इसे अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है।

चित्र में आगे मछली की आकृति बनाई गई है, जो भारतीय परंपरा में समृद्धि, शुभता और निरंतर प्रगति का प्रतीक मानी जाती है। मछली की पूंछ के पास नीले रंग का चेहरा तथा ऊपर मस्तिष्क का चित्रण गहन चिंतन, विवेकशीलता और ब्रह्मांडीय चेतना को दर्शाता है।

मस्तिष्क के पास बनी सीढ़ी ऊपर स्थित एक घर तक जाती है, जिसमें एक व्यक्ति सीढ़ियां चढ़ते हुए घर की ओर अग्रसर है। इसका अर्थ है कि व्यक्ति संघर्ष, विचार और आत्मनियंत्रण के माध्यम से सफलता की ओर बढ़ रहा है। नीला रंग ब्रह्मांडीय शक्ति और आध्यात्मिक गहराई का प्रतीक है, जबकि हरा रंग खुशहाली, समृद्धि और शांति को दर्शाता है।

अशोक सरोज की यह कलाकृति केवल एक चित्र नहीं, बल्कि जीवन का गहरा संदेश प्रस्तुत करती है—जब व्यक्ति सकारात्मक सोच, विवेक और ईश्वर पर विश्वास के साथ आगे बढ़ता है, तब ब्रह्मांड स्वयं उसके मार्ग को प्रशस्त करता है।

कला प्रेमियों और आध्यात्मिक चिंतकों के बीच “द एंजेल नंबर” को एक प्रेरणादायक और गहन संदेश देने वाली रचना के रूप में सराहा जा रहा है।

दैनिक नव परिधि मीडिया सर्विसेज एंड पब्लिकेशंस (पंजीकृत)

अमित श्रीवास्तव (प्रधान संपादक)


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