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Friday, August 22, 2025

बिहार चुनाव से पहले चुनाव आयोग सख़्त, गैर-सक्रिय दलों पर डीलिस्टिंग की कार्रवाई शुरू

2019 के बाद से चुनाव न लड़ने वाले 15 गैर-मान्यता प्राप्त दलों से 1 सितंबर तक जवाब तलब, साक्ष्य पेश करने के निर्देश



दैनिक नव परिधि:

पटना:  इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए चुनाव आयोग पूरी तरह से एक्टिव मोड में आ गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने उन रजिस्टर्ड गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सूची जारी की है, जिन्होंने 2019 के बाद से कोई भी चुनाव नहीं लड़ा है। आयोग ने ऐसे दलों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 1 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक अपना पक्ष पेश करने का समय दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, रजिस्ट्रेशन के बाद लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत दलों को कई प्रकार की सुविधाएं मिलती हैं। ऐसे में लंबे समय तक चुनावी गतिविधियों से दूर रहने वाले दलों की सूची आयोग ने तैयार की है। यदि ये दल साक्ष्य और ठोस कारण पेश करने में असफल रहते हैं, तो इन्हें डीलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।

चुनाव आयोग की सूची में भारतीय आवाम एक्टिविस्ट पार्टी, भारतीय जागरण पार्टी, भारतीय युवा जनशक्ति पार्टी, एकता विकास महासभा पार्टी, गरीब जनता दल सेक्यूलर, जय जनता पार्टी, जनता दल हिंदुस्तानी, लोकतांत्रिक जनता पार्टी सेकुलर, मिथिलांचल विकास मोर्चा, राष्ट्रवादी युवा पार्टी, राष्ट्रीय सद्भावना पार्टी, राष्ट्रीय सदाबहार पार्टी, वसुदेव कुटुंबकम पार्टी, वसुंधरा जन विकास दल और यंग इंडिया पार्टी जैसे दल शामिल हैं।

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। चुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान अभी नहीं हुआ है, लेकिन अक्टूबर या नवंबर में चुनाव कराए जाने की संभावना है। 2020 के चुनाव में एनडीए की सरकार बनी थी और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि, बाद के राजनीतिक बदलावों के बावजूद मुख्यमंत्री पद उन्हीं के पास रहा है।


अमित श्रीवास्तव (प्रधान संपादक)


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