एनएचएआई की जमीन पर हो रहे निर्माण, शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं
मुजफ्फरपुर, बिहार:
मुजफ्फरपुर जिले में सरकारी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री और दाखिल-खारिज पर रोक नहीं लग पा रही है। कुढ़नी में अतिरिक्त स्वास्थ्य उपकेंद्र, खासमहाल, मठ-मंदिर की जमीन की बिक्री के बाद अब कांटी और मुशहरी में एनएचएआई (NHAI) की जमीन पर भी अवैध तरीके से घर और व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक आशुतोष सिन्हा ने जिला प्रशासन को कई बार शिकायत भेजी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह अतिक्रमण मुजफ्फरपुर-बरौनी एनएच-28 फोरलेन परियोजना के लिए खतरा बनता जा रहा है।
अतिक्रमण का बढ़ता जाल
मुशहरी अंचल के अतरदह मौजे में रामदयालु से लेकर कच्ची पक्की तक एनएचएआई की जमीन पर दर्जनों घर और कॉम्प्लेक्स बनाए जा चुके हैं। परियोजना निदेशक का कहना है कि 1963-64 में अधिग्रहण के बाद रैयतों को मुआवजा भी दिया जा चुका था। इसके बावजूद स्थानीय भू-माफिया जमीन बेच रहे हैं और दाखिल-खारिज भी हो रहा है।
परियोजना पर संकट
परियोजना निदेशक के अनुसार, एनएच-28 फोरलेन के लिए रामदयालु नगर के पास रेलवे ओवरब्रिज और नई सड़कों के निर्माण हेतु सभी भूमि की आवश्यकता होगी। मुख्य सचिव पहले ही भूमि मापी का निर्देश दे चुके हैं, लेकिन अवैध कब्जे के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है।
प्रशासन की चुप्पी
इस मामले पर मुशहरी के अंचलाधिकारी महेंद्र प्रताप शुक्ला का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। अब जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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दैनिक नव परिधि मीडिया सर्विसेज एंड पब्लिकेशन
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| अमित श्रीवास्तव (प्रधान संपादक) |


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