खबरें

Sunday, September 14, 2025

ड्रोन या दैत्य? जौनपुर की रातें और उड़ता डर”



दैनिक नव परिधि
संपादकीय रिपोर्ट

✈️ “ड्रोन या दैत्य? जौनपुर की रातें और उड़ता डर”

पूर्वांचल के गाँवों में रात का सन्नाटा अब सिर्फ कुत्तों के भौंकने और झींगुरों की आवाज़ से नहीं टूटता, बल्कि आकाश में उड़ते रहस्यमयी ‘चोर ड्रोन’ की अफवाहों से भी चीर दिया जाता है।

जौनपुर और आसपास के गाँवों में जैसे ही रात के अँधेरे में कोई हवाई जहाज़ या प्लेन बरसात और सर्दी के मौसम में थोड़ी ऊँचाई कम करके गुजरता है, ग्रामीणों की आत्मा में कंपकंपी दौड़ जाती है, नसों में बिजली दौड़नें लगती है। लाठी-डंडे, कुदाल-फावड़े लेकर पूरा गाँव ‘एयर डिफेंस स्क्वाड’ बन जाता है। कोई टॉर्च जलाकर आकाश में सिग्नल मारता है, तो कोई टॉर्च जलाकर आसमान में ऐसे रोशनी फेंकता है जैसे दुश्मन को हवाई युद्ध की चुनौती दे रहा हो।

बात यहीं खत्म नहीं होती। कहीं-कहीं तो बुजुर्ग यह कह देते हैं – "बेटा, अब चोर भी टेक्नोलॉजी में हमसे आगे निकल गए हैं। पहले सिर्फ घर में सेंध लगाते थे, अब आसमान से नाप ले रहे हैं।"

मज़ा तब आता है जब इस अफवाह में आशिक़ों की करतूतें भी फिट हो जाती हैं। कई बार लड़के चोरी-चोरी अपनी प्रेमिका से मिलने निकलते हैं और जैसे ही गाँव में “चोर-चोर, ड्रोन-ड्रोन” का शोर मचता है, बेचारे प्रेमवीर भाग खड़े होते हैं। अगली सुबह वही प्रेमकहानी गाँव में “ड्रोन से रेकी कर रहे चोर पकड़े गए” के किस्से में बदल जाती है।

असलियत यह है कि गाँवों के ऊपर से उड़ने वाले जहाज़, एयरपोर्ट रूट का हिस्सा हैं। लेकिन अफवाहों की तासीर यह है कि लोग चोरों को NASA से भी ज़्यादा तकनीकी रूप से सक्षम समझ बैठे हैं।

एक मज़ेदार घटना तो तब हुई जब एक गाँव के युवाओं ने रातभर आसमान की पहरेदारी की और सुबह पता चला कि वे जिस "चोर ड्रोन" को देखते रहे, वह तो महज़ शुक्र ग्रह की चमक थी!

अब सवाल उठता है कि आखिर चोरों को पकड़ने के लिए पुलिस क्यों नहीं बुलायी जा रही है? ग्रामीण खुद ही स्पाई स्क्वाड क्यों बनें हैं? हल्ला रोज हो रहा चोर पकड़ा क्यों नहीं जा रहा?

हाँ, यह भी सच है कि तकनीक के इस ज़माने में कोई चोर कहीं ड्रोन से रेकी कर भी रहा हो, इससे पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन पूरे क्षेत्र में जो हल्ला मचाया जा रहा है, वह असलियत से ज़्यादा अफवाह का हवाई जहाज़ है। लेकिन अफवाह है तो है – और अफवाह की भी अपनी लोकतांत्रिक ताक़त होती है।

इसलिए अगली बार जब आप जौनपुर या पूर्वांचल के किसी गाँव से गुज़रें और रात में ऊपर हवाई जहाज़ उड़ता दिखे, तो सावधान रहें – कहीं आपको भी ग्रामीण “चोर ड्रोन गिराने की कमेटी” का सदस्य न बना दें।

✍️ दैनिक नव परिधि संपादकीय टीम
अमित श्रीवास्तव (प्रधान संपादक)


No comments:

Post a Comment