सामान्य किसान परिवार में जन्मे वरिष्ठ बॉलीवुड सिनेमैटोग्राफर ने अंतरराष्ट्रीय कला मंच पर बढ़ाया भारत का गौरव
दैनिक नव परिधि (जौनपुर)
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद अंतर्गत चारो गाँव की साधारण कृषक भूमि से निकलकर कला और सिनेमा की अंतरराष्ट्रीय ऊँचाइयों तक पहुँचे अशोक कुमार सरोज ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती।
मणिकर्णिका आर्ट गैलरी द्वारा आयोजित 49वीं अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन कला प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता (10–20 जनवरी 2026) में उन्हें गोल्ड अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान केवल एक चित्रकार को नहीं, बल्कि उस साधना को मिला है जो मिट्टी, रंग, प्रकाश और दृष्टि—चारों को एक सूत्र में बाँध देती है। अंतरराष्ट्रीय निर्णायक मंडल द्वारा चयनित स्वर्ण पुरस्कार विजेताओं की सूची में अशोक सरोज का नाम भारत का प्रतिनिधित्व करता हुआ विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।
अशोक सरोज न केवल एक अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडलिस्ट चित्रकार हैं, बल्कि वे बॉलीवुड के वरिष्ठ और प्रतिष्ठित सिनेमैटोग्राफर भी हैं। सिनेमा के परदे पर कैमरे की भाषा में भाव रचने वाले इस कलाकार ने चित्रकला में भी वही गहराई, वही संवेदना और वही मौन संवाद स्थापित किया है।
चारो गाँव, जौनपुर जैसे ग्रामीण परिवेश में एक सामान्य किसान परिवार में जन्मे अशोक सरोज की जीवन-यात्रा संघर्ष, अनुशासन और सतत साधना की मिसाल है। खेतों की मेड़ से लेकर कैमरे के फ्रेम और कैनवास की रेखाओं तक उनकी यात्रा, आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी है।
इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि से न केवल जौनपुर, बल्कि सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश और देश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर नई चमक मिली है। कला और सिनेमा—दोनों क्षेत्रों में उनकी बहुआयामी उपस्थिति यह सिद्ध करती है कि सच्चा कलाकार सीमाओं में नहीं, दृष्टि में विश्वास रखता है।
अशोक कुमार सरोज की यह स्वर्णिम उपलब्धि भारतीय कला-संस्कृति की उज्ज्वल परंपरा में एक और गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो चुकी है।
दैनिक नव परिधि मीडिया सर्विसेज एंड पब्लिकेशन
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| प्रधान संपादक-अमित श्रीवास्तव |


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